आरटीआई खुलासे से मचा घमासान: उत्तराखंड की सांसद निधि दूसरे राज्यों में खर्च होने पर सवाल

आरटीआई खुलासे से मचा घमासान: उत्तराखंड की सांसद निधि दूसरे राज्यों में खर्च होने पर सवाल

आरटीआई खुलासे से मचा घमासान: उत्तराखंड की सांसद निधि दूसरे राज्यों में खर्च होने पर सवाल

उत्तराखंड में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MPLADS) को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में खुलासा हुआ है कि राज्य के विकास के लिए निर्धारित सांसद निधि का उपयोग उत्तर प्रदेश और हरियाणा में किया गया। इस तथ्य के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और जवाबदेही की मांग उठने लगी है।

आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार कुछ विकास कार्य ऐसे क्षेत्रों में स्वीकृत किए गए, जो उत्तराखंड की सीमा से बाहर आते हैं। खास तौर पर टिहरी लोकसभा क्षेत्र से जुड़ी निधि को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, ऐसे में राज्य के बाहर धन खर्च करना अनुचित है।

मामले के तूल पकड़ते ही विपक्षी दलों ने इसे राज्य के हितों के खिलाफ बताया। उनका आरोप है कि सांसद निधि का उद्देश्य स्थानीय विकास होता है, लेकिन यहां इसकी मूल भावना से हटकर निर्णय लिए गए। विपक्ष ने इस मामले में जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।

वहीं, सत्तापक्ष से जुड़े कुछ नेताओं का कहना है कि सांसद निधि के उपयोग में तकनीकी नियमों और विशेष परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाता है। उनका दावा है कि कुछ परियोजनाएं ऐसी होती हैं, जिनका लाभ सीमावर्ती क्षेत्रों या उत्तराखंड से जुड़े लोगों को मिलता है, भले ही वे दूसरे राज्य में स्थित हों।

इस पूरे मामले ने सांसद निधि की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि सांसद निधि के सभी खर्चों को सार्वजनिक पोर्टल पर स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए, ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।

फिलहाल आरटीआई खुलासे के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और संबंधित सांसद इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।