बिज़नेस – Pahadi Samachar https://pahadi-samachar.com National News Portal Tue, 27 Jan 2026 07:34:26 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 मुनाफावसूली से सोना-चांदी में बड़ी गिरावट https://pahadi-samachar.com/profit-taking-leads-to-a-sharp-decline-in-gold-and-silver-prices/ Tue, 27 Jan 2026 07:34:26 +0000 https://pahadi-samachar.com/?p=68492

रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद चांदी 7% से ज्यादा टूटी, सोना भी फिसला

नई दिल्ली- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला है। ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा लाभ सुरक्षित करने की रणनीति अपनाए जाने से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। खास तौर पर चांदी के दामों में तेज टूट देखने को मिली, जबकि सोना भी कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया।

वैश्विक वायदा बाजार में सोने के भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई, हालांकि यह अब भी मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है। वहीं चांदी, जो हाल ही में ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंची थी, वहां से फिसलकर नीचे आ गई। जानकारों के मुताबिक, रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद भारी बिकवाली ने चांदी की चाल को अचानक पलट दिया।

घरेलू बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में सोने और चांदी के दाम ऊंचे बने हुए हैं। 24 कैरेट सोने की कीमत नए स्तर पर पहुंच गई है, जबकि चांदी भी प्रति किलो रिकॉर्ड भाव पर कारोबार कर रही है। दिल्ली, मुंबई और पटना जैसे प्रमुख शहरों में सोने के अलग-अलग कैरेट और चांदी के दाम ऊंचे स्तर पर दर्ज किए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि साल की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली है। कमजोर डॉलर, सरकारी बॉन्ड से घटता रुझान और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। निवेशक मुद्रा की घटती क्रय शक्ति के डर से सोने-चांदी जैसी वास्तविक संपत्तियों को सुरक्षित विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में कीमती धातुओं का रुझान सकारात्मक बना रह सकता है। वैश्विक अस्थिरता, राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षा कवच की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते कीमतों में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

]]>
जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार से खुलेगी अर्थव्यवस्था, घटेगा अनुपालन बोझ: वित्त मंत्री सीतारमण https://pahadi-samachar.com/next-generation-reforms-in-gst-will-open-up-the-economy-reduce-compliance-burden-finance-minister-sitharaman/ Tue, 02 Sep 2025 11:44:22 +0000 https://indiasamwad.com/?p=66928

चेन्नई: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार भारत की अर्थव्यवस्था को अधिक खुला, पारदर्शी और सरल बनाएंगे। इसके साथ ही ये सुधार अनुपालन बोझ (compliance burden) को भी कम करेंगे, जिससे छोटे और मध्यम व्यवसायों को बड़ी राहत मिलेगी।

वित्त मंत्री चेन्नई में आयोजित सिटी यूनियन बैंक के 120वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रही थीं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हाल ही में अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य विनियमों को सरल बनाना, अनुपालन लागत में कटौती करना और स्टार्टअप्स व एमएसएमई को अधिक सक्षम बनाना है।

सीतारमण ने कहा, “कल और परसों होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक से इन सुधारों की योजनाबद्ध शुरुआत हो रही है। आने वाले महीनों में यह पहल भारत की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से खुली और पारदर्शी बनाएगी। साथ ही छोटे व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेगी।”

जनधन खातों की सफलता पर प्रकाश

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में जनधन योजना की सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 56 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं, जिनमें अब तक 2.68 लाख करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इन खातों में से 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं, जबकि 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम पर हैं — यह वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की परिसंपत्तियों की गुणवत्ता (asset quality) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे देश की बैंकिंग प्रणाली और अधिक स्थिर और मजबूत हुई है।

डिजिटल जागरूकता पर राष्ट्रपति मुर्मू की चिंता

इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अहम बातें रखीं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद, देश में अब भी डिजिटल साक्षरता, इंटरनेट पहुंच और वित्तीय जागरूकता के मामले में कई चुनौतियां बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा, “बैंकिंग सेवाओं को दूरदराज के गांवों तक पहुंचाने का कार्य सराहनीय है, लेकिन अब वक्त है कि लोगों को तकनीकी और डिजिटल साक्षरता के माध्यम से बेहतर रूप से जोड़ने पर ध्यान दिया जाए।“

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने में बैंकों की भूमिका बेहद अहम है और बैंकिंग क्षेत्र को इस दिशा में और अधिक सक्रिय होना चाहिए।

]]>