उत्तराखंड में अफसरशाही पर सवाल: आरोपों से घिरे अधिकारियों को बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट सौंपे गए
उत्तराखंड के सिंचाई विभाग में की गई हालिया तैनातियों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपों और विवादों से जुड़े कुछ अधिकारियों को राज्य के महत्वपूर्ण और महंगे सिंचाई प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी दिए जाने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार जिन परियोजनाओं को राज्य के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ के तौर पर देखा जा रहा है, उनकी कमान ऐसे अफसरों को सौंपी गई है जिन पर पहले से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। इससे न केवल पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर भी शंकाएं बढ़ गई हैं।
मामले को लेकर कर्मचारी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताते हुए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की है। उनका कहना है कि यदि विवादित अधिकारियों को संवेदनशील परियोजनाओं से नहीं हटाया गया, तो जनता का भरोसा प्रशासन से और कमजोर होगा।
फिलहाल शासन स्तर पर इस पूरे मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बढ़ते दबाव के बीच माना जा रहा है कि तैनातियों की समीक्षा की जा सकती है।