पर्यावरण बचाने की आड़ में साल जंगल पर अतिक्रमण? RTI से सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
देहरादून: पर्यावरण संरक्षण के नाम पर साल (Sal) जंगल की भूमि पर कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों ने वन विभाग और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। काग़ज़ों में संरक्षण के दावे किए गए, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट बताई जा रही है।
RTI से मिले रिकॉर्ड के अनुसार, जिस भूमि को पर्यावरणीय गतिविधियों और संरक्षण कार्यों के लिए चिह्नित किया गया था, वहां कथित तौर पर निर्माण और निजी उपयोग से जुड़ी गतिविधियां देखी गईं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जंगल की सुरक्षा के बजाय प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया गया, जिससे साल वन क्षेत्र का दायरा सिमटता चला गया।
मामला उजागर होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। वन विभाग का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण विशेषज्ञों ने भी इस पूरे प्रकरण को गंभीर बताते हुए स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कठोर कदम उठाने की मांग की है।