उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण, विकास और संवैधानिक मूल्यों पर दिया जोर

उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण, विकास और संवैधानिक मूल्यों पर दिया जोर

उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण, विकास और संवैधानिक मूल्यों पर दिया जोर

देहरादून में सोमवार को उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र ऐतिहासिक माहौल में शुरू हुआ, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अभिभाषण देकर सत्र का शुभारंभ किया। यह अवसर राज्य की संवैधानिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मु ने उत्तराखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपन्नता की सराहना की और कहा कि राज्य ने अपने गठन के बाद से विकास के कई नए आयाम तय किए हैं। उन्होंने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण योजनाओं को भविष्य की प्राथमिकता बताते हुए जनप्रतिनिधियों से राज्यहित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब नीति निर्माण में पारदर्शिता और जनता की भागीदारी बनी रहे। उन्होंने विधानसभा को जनता की आवाज़ का सच्चा मंच बताया और कहा कि “उत्तराखंड का विकास तभी पूर्ण होगा जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।”

इस मौके पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। सत्र के दौरान सदन में सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतज़ाम किए गए थे।